Friday, 28 March 2025

शहीद दिवस - अनन्तराम चौबे अनन्त



शहीद दिवस - अनन्तराम चौबे अनन्त

https://sarasach.com/?p=399

शहीदों की शहादत पर 
क्या लिखूं कुछ समझ न आए।

हाथ कांपते हाल जो लिखते 
कलम भी कुछ भी लिख न पाएं ।

युद्ध में कोई जवान जब
सारा सच शहीद  होता है ।

सर्दी गर्मी या बरसात हो
सरहद में सतर्क रहते हैं ।

देश की रक्षा में अपना
जीवन बलिदान करते है ।

कृन्दन से डूबे मन के भावों से
आंखों से अश्रु धार बहती है।

कृन्दन करतीं मां बहिन बेटियां
पत्नी का दुख भी रहा न जाए।

पिता पति और पुत्र के हाल भी
इन कांपते हाथों से लिखे न जाए 

देश के वीर जवान सभी इन
रिश्तों को बिलखता छोड़ गये।

शहीदों की इस शहादत को
बारम्बार सब नमन करते हैं।

श्रद्धा सुमन हम अर्पित करते हैं
नमन वंदन और सलाम करते हैं।

शहीदों की इस शहादत को
अश्रुपूर्ण श्रद्धांजली अर्पित है ।

सारा सच सेवा से उन शहीदों ने 
अपने प्राणों की बाजी लगाई है ।

वीर शहीदों की शहादत को
नमन वंदन हम सब करते हैं ।

माता बहिनों के कृन्दन को
देखकर मन भी विचलित है।

सारा सच कम्पन हाथों में होती
कलम से लिखने में कांपती है ।

सारा सच देश को आजाद कराने में 
शहीदों ने अपनी जान गंवाई थी।

महारानी लक्ष्मीबाई भगतसिंह
सुखदेव राजगुरु ने जान गंवाई थी ।

चंद्रशेखर आजाद सुभाष चन्द्र बोस
देश की कुर्बानी पर जान गंवाई थी ।

ऐसे वीर शहीदों को नमन करते हैं
शहीदों को शत शत प्रणाम करते हैं ।

सारा सच शहीदों पर क्या लिखूं 
मन के भावों को कैसे लिख पाऊं ।

युद्ध में शहीद हुए  जवानों को
बारम्बार नमन वंदन करते हैं ।

वीर शहीदों की कुर्बानी को
श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं ।

 अनन्तराम चौबे अनन्त

#हमारीवाणी #hamarivani #सारासच #sarasach #sarasachh

#Lterature #साहित्य #Sahitya
#Poetry #
कविता #Kavita
#Novel #
उपन्यास #Upanyas
#ShortStory #
लघुकथा #LaghuKatha
#Essay #
निबंध #Nibandh
#Biography #
जीवनी #Jeevani
#Autobiography #
आत्मकथा #Atmakatha
#Fiction #
कल्पना #Kalpana
#Author #
लेखक #Lekhak
#Poet #
कवि #Kavi
#Irony #
व्यंग्य #Vyangya
#LiteraryCriticism #
साहित्यिकआलोचना #SahityikAlochana
#Genre #
विधा #Vidha #Narrative #कथा #Katha


No comments:

Post a Comment