मकर संक्रांति - गोरक्ष जाधव
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संक्रांति संक्रमण है जीवन का,
सूरज के नित्य भ्रमण का,
नव-नूतन नित्य बदलाव का
संकेत है गतिमान ऋतुचक्र का।
पतंग बन आसमान छूने का,
उड़कर भी नभ में धरा से जुड़े रहने का,
त्योहार है उम्मीद और उमंगों का,
तिल-गुड़ के गूढ़ से आपसी मेलजोल का।
त्योहार है स्नान, दान, पुण्य का,
शून्य के सामर्थ्य की पहचान का,
त्योहार है भानु को अर्पित भोग का,
ज्ञान,विज्ञान और आध्यात्म के संयोग का।
त्योहार है अटूट विश्वास और श्रद्धा का,
त्योहार है धरती के सामर्थ्य का,
समृद्धि-संपन्न बने जीवन मनुष्य का,
त्योहार है मनुष्य को सुसंस्कृत बनाने का।
गोरक्ष जाधव©®
मंगलवेढा, महाराष्ट्र
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