Wednesday, 26 August 2026

स्वाभिमान / डॉ० उषा पाण्डेय

 स्वाभिमान / डॉ० उषा पाण्डेय

स्वाभिमान, आत्मसम्मान, खुद की नजरों में अपना मान बनाए रखना। 
अपना मूल्य पहचानना, अपनी गरिमा बनाए रखना।
समय कितना भी प्रतिकूल हो, स्वाभिमान से समझौता कभी न करना।
अपनी बात को शालीनता से रखना, अपनी आत्मा पर चोट कभी न सहना।
'आवत हिय हरषै नहीं,
नैनन नहीं सनेह। 
तुलसी तहाँ न जाइए,
कंचन बरसे मेह।।'
तुलसी दास जी के विचार।
जहाँ लोग आपको  देखकर खुश न हो वहाँ जाना नहीं, भले वहाँ हो धन का भंडार।
स्वाभिमान, आत्मसम्मान है जरूरी, निज के विकास के लिए।
आत्म निर्भर बनने के लिए, खुद में आत्मविश्वास जगाने के लिए।
"तुलसी पर घर जाइ के, दुख न कहिए रोई।
मान गुमावे आपनो, बाट न लेवे कोई।"
किसी के सामने अपना दुखड़ा  न रोइए, गिरेगा आपका 
मान- सम्मान।
आपकी गरिमा कम होगी, 
रखना है यह ध्यान।
स्वाभिमान की कीमत पर,
कोई धन नहीं चाहिए।
स्वाभिमान बना रहे, हमेशा प्रयत्न करना चाहिए।
'स्वाभिमान: सर्वोपरि अस्ति',
स्वाभिमान सबसे ऊपर है।
स्वाभिमान पर आघात, 
सहना हमें क्यों कर है?
स्वाभिमान खुद में विकसित करना पड़ता है, यह बाजार में बिकता नहीं है।
स्वाभिमानी पुरुष का  लाभ, कोई कभी उठा सकता नहीं है।
"स्वाभिमान शरीर के लिए ऑक्सीजन जैसा है। ऑक्सीजन के बिना शरीर मर जाता है और स्वाभिमान के बिना इंसान की आत्मा मर जाती है।" थॉमस साज ने हमें बताया।
"स्वाभिमान अनुशासन का फल है; खुद को ना कहने की क्षमता के साथ ही गरिमा का अहसास बढ़ाता है।"
अब्राहम जोशुआ हेशेल ने समझाया।
अपने सिद्धांतों से समझौता कभी  न करना, चाहे हो कोई मजबूरी।
नैतिकता का दामन न छोड़ना, 
मेहनत के बल पर करना, अपनी इच्छाएँ पूरी।
जिस काम को करने की तुम्हारी जमीर इजाजत न दे,
कभी मत करना।
किसी गरीब की आह न लेना,
अन्याय कभी मत करना।
सकारात्मक सोच सदा रखना, खुद पर भरोसा रखना।
स्वाभिमान के साथ जीना,
सच कहने की हिम्मत रखना।
स्वाभिमानी बनना अहंकारी नहीं, स्वाभिमान उन्नति की ओर ले जाता है। 
अहंकारी मानव का विवेक काम नहीं करता, बहुत दुख पाता है।
स्वाभिमानी पुरुष शांत चित्त रहता है, अहंकारी रहता विकल।
स्वाभिमान के साथ जीना, कमजोरों का बनना संबल।
बच्चों में हमें स्वाभिमान का भाव जगाना होगा। 
खुद पर विश्वास रखें, यह बच्चों को समझाना होगा।
स्वाभिमान से जीती हूँ, किसी का अपमान करना नहीं मेरी फितरत।
सबसे प्यार से मिलजुल कर रहती हूँ, नहीं करती किसी से कभी नफरत।

डॉ० उषा पाण्डेय 'शुभांगी' 
वैस्ट बंगाल 

आजादी / सुरेश कंठ

 शीर्षक -       “ आजादी “ 

                     *****
हिंदी हमारी सुलभ भाषा है 
                हिंदी  राष्ट्रभाषा  घोषित हो 
हम सब की  है यही पुकार
                इसमें तनिक नहीं विलंब हो 

हिंदी में ही करते हैं भजन
                 भजन के बिना   चैन नहीं 
 सात समुंदर पार भी जाएं
              हिंदी के बिना सुख-चैन नहीं 

बैंक ने भी घोषणा की 
                   हिंदी में भी पत्राचार करें 
हिंदी में लिखा सारा चेक 
                 खुशी से सब स्वीकार करें 

बड़े प्यार से करते राही
               हिंदी है जन जन की पुकार
बच्चे बूढ़े सब में चलन है 
            यही है पढ़ने लिखने में शुमार 

हौसला मत टूटने देना प्यारे
           हिंदी ही देश की सर्वोत्तम प्यारे 
वरना आने वाली पीढ़ी 
              कभी क्षमा नहीं करेंगी प्यारे 

देश की सुंदर भाषा है हिंदी
          बोलने में अच्छी लगती है हिंदी
मन में प्रीत बनाए हिंदी 
                  जग में प्रीत बनाए हिंदी 

हिंदी है हम वतन की भाषा 
       हिंदी में बोलने की आजादी मिले
यही है सब जन जन की पुकार
      हिंदी में लिखने की आजादी मिले

       बोलो ओम नमः शिवाय 
       बोलो ओम नमः शिवाय 
                  *****
           ***  जय हिंद  ***
 रचयिता- वरिष्ठ कवि सुरेश कंठ
             बथनाहा, अररिया
                   बिहार

कविता - आज़ादी के दीवाने / बलवान सिंह मानव

कविता - आज़ादी के दीवाने / बलवान सिंह मानव 

आओ करें सब नमन, हम उन जवानों को, 
जो हैं श्रद्धा के पात्र, आज़ादी के दीवानों को 
      आओ करें सब नमन ........ 
यारों! जिन्होंने तोड़ी थी ग़ुलामी की दीवारें, 
वे कोई गैर नहीं, थे भारत माता के प्यारे, 
खेली अपने खून से, आज़ादी की होली, 
गवां दी अपनी जान, बन शहीदों की टोली, 
कैसे भूला सकते हैं, हम उनके बलिदानों को?
       आओ करें सब नमन ........... 
शिवाजी ने दिखाए, गुर छापामार के,
राणा प्रताप ने डराया, भाले के वार से,
लक्ष्मी, तात्यां, दादा फड़न ने, रचा 57 का इतिहास,
 चौहान, टीपू ने किया, था गोरों का विनाश,
दिखाकर हिम्मत जलाया, आज़ादी की मसालों को,
     आओ करे सब नमन........
हमारे संतों ने दिया, सदमार्ग का रास्ता, 
सदा रहें तन - मन में, रहे उनमें ही आस्था, 
सुखाया बुद्ध और फुले ने, मानव समानता को, 
भीमराव ने भगाया था, जातिवाद की दासता को, 
याद करते रहें यूँ ही, हम उन महानों को, 
       आओ करें सब नमन......
सुभाष ओर आज़ाद ने, छुड़ा दिए थे छक्के, 
भगत - सुखदेव - राजगुरु ने, हँस कर पहने फंदे, 
लाल - बाल - पाल ने, नींव हिला दी गोरों की,
बिस्मिल्ल, और उधम ने, नींद छीनी गोरों की,
धूल चटाई,चने चबवाए,उन गौरे कमीनों को,
     आओ करें सब नमन.....
सावरकर - विनोवा भी, हुए संघर्ष में शामिल 
 पीछे नहीं हटे थे, नेहरू जैसे क़ाबिल, 
गाँधी ने दिलायी आज़ादी, कार्य किया महान, 
राजेंद्र प्रसाद ने पकड़ी, भविष्य की कमान, 
याद रखें हम और भी, बाकी बचे नामों को, 
   आओ करें सब नमन...... 
जो हैं श्रद्धा के पात्र, आज़ादी के दीवानों को।
 आओ करें सब नमन..... 
       कवि - बलवान सिंह मानव 
  (स्वरचित एवम् मौलिक रचना)
Haryana 

हमारा संविधान / कादरभाई एन. मनसुरी

हमारा संविधान / कादरभाई एन. मनसुरी   

 
'विभिन्नता में एकता' की खुशनुमा खुशबू से महकता खुशहाल हिन्दुस्तान है। 

विश्व में सबसे लम्बा हस्तलिखित संविधान भारत देश की अनूठी शान है।

संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकरजी को कोटि-कोटि नमन है।

'भारत के हम लोग' प्रस्तावना से प्रारंभ संविधान देश का सर्वोच्च कानून है।

हिन्दी-अंग्रेजी भाषा में लिखित संविधान उन्नत राष्ट्र की अनोखी पहचान है।

शांतिनिकेतन के चित्रकारों का संविधान कलाकृति में विशिष्ट योगदान है।
 
भारतीय सर्वेक्षण विभाग-देहरादून में ऐतिहासिक प्रकाशन का निर्वहन है। 
 
26 नवम्बर 1949 को अपनाया गया भव्यतम भारत का अनुशासन है।
 
26 जनवरी 1950 को लागू किया गया भारत का मनोहर संविधान है।

2 वर्ष 11 माह 18 दिन की अवधि में परिपूर्णता की खुशी मनभावन है।

समान अवसर-समान अधिकार-कल्याणकारी सद्भावना का परिपालन है।

संप्रभु-समाजवादी-धर्मनिरपेक्ष स्वतंत्रता में घोषित गणराज्य का जीवनदर्शन है।

सार्वजनिक वयस्क मताधिकार में अतुलनीय आनंद से भरा अपनापन है।

नारी सम्मान-शिक्षा-संस्कृति-बंधुत्व-समरसता में  जगमगाता जीवन है।

'सर्व धर्म समभाव' की स्वतंत्रता में सुखद-सुहावना सौहार्दपूर्ण संवेदन है। 

मौलिक अधिकार-संवैधानिक उपचारों में पूर्णतया सुनिश्चित प्रावधान है।

भारतीय संविधान में लोकतांत्रिक गणराज्य का प्रतिबद्ध आश्वासन है।

सुरम्यता-सौम्यता से सुशोभित संविधान भारत की आन-बान-शान है।

Tuesday, 25 August 2026

नाम बड़े और दर्शन छोटे / खुशदीप सहगल

नाम बड़े और दर्शन छोटे / खुशदीप सहगल

एयर होस्टेस थी, फिर पुलिस अफसर बनी, अब कुछ और ही खेल खेलने में धरी गई...

मध्य प्रदेश में इन दिनों पुलिस अधिकारी नेहा पचिसिया चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं.  कभी एयर होस्टेस रहीं नेहा पर हत्या के आरोपित एक शख़्स के परिवार से 15 लाख रुपये मांगने और आरोपी के पिता की 83 लाख रुपए की ज़मीन को उसकी असल कीमत से बहुत कम दाम यानि 18.20 लाख रुपए में अपने एक सहयोगी के नाम ट्रांसफर करवाने का आरोप है...

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नेहा को सस्पेंड कर दिया है और मामले की जांच की जा रही है...

नेहा पचिसिया मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की पचोर तहसील की रहने वाली हैं.12वीं कक्षा करने के बाद नेहा ने एविएशन की पढ़ाई की और एयरलाइन सेक्टर में कदम रखा और एयर इंडिया में एयर होस्टेस के तौर पर काम किया... 

बाद में पचिसिया ने सरकारी नौकरी में जाने का फैसला किया. 2012 में MPPSC परीक्षा दी और 2016 में फाइनल रिजल्ट आया. नेहा ने राज्य में 20वीं रैंक हासिल की और डीएसपी के तौर पर पुलिस सेवा जॉइन की...

नेहा की पहली पोस्टिंग गुना में सीएसपी के तौर पर हुई थी. बाद में भोपाल में पुलिस मुख्यालय में काम किया और खंडवा में भी तैनात रहीं. मई 2025 में तबादला कटनी हो गया. नेहा को शहर का सीएसपी नियुक्त किया गया...

19 अगस्त को कटनी के कुठला थाने में 37 साल की पुलिस अधिकारी नेहा पचिसिया और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया...

कटनी के SP अभिनय विश्वकर्मा के मुताबिक, यह मामला इन आरोपों से शुरू हुआ कि नेहा पचिसिया ने मर्डर के आरोपित रमेश लोधी की गिरफ्तारी में देरी की और बाद में तय 90 दिनों के अंदर उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं करवाई....

विश्वकर्मा ने कहा, "जब हमारे ध्यान में यह बात आई कि आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है, तो हमने उसे गिरफ्तार करवाया." हालांकि, जुलाई के पहले हफ्ते में लोधी को डिफॉल्ट जमानत मिल गई क्योंकि चार्जशीट दाखिल नहीं की गई थी...

एसपी विश्वकर्मा ने आगे कहा, "मैंने जांच की समीक्षा करवाई... मैंने अपने एडिशनल SP कमल मौर्य को शुरुआती जांच करने का निर्देश दिया, जिन्हें मामला संदिग्ध लगा..."

इसके बाद जबलपुर की ASP अनु बेनीवाल ने जांच की, जिसमें पता चला कि आरोपी लोधी और उसके परिवार की जमीन मारूफ अहमद हनफी को 18.20 लाख रुपये में बेची गई थी, जबकि सरकारी गाइडलाइंस के अनुसार इसकी कीमत 83 लाख रुपये थी और बाजार में इसकी कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई थी...

SP विश्वकर्मा ने कहा, "कोई व्यक्ति इतनी कम कीमत पर जमीन क्यों बेचेगा? इसका मतलब है कि वह दबाव में था. और दबाव यह था कि उसे जेल नहीं भेजा जाएगा..."

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को नेहा पचिसिया समेत 6 अन्य पुलिसकर्मी भी तुरंत सस्पेंड करने का आदेश दिया. इस मामले में राजनाथ नगर पुलिस स्टेशन के इंचार्ज अरुण पाल सिंह, सब-इंस्पेक्टर सौरभ सोनी, CSP के रीडर नरेंद्र पांडे, गनमैन मटू और ड्राइवर केशव को भी सस्पेंड कर दिया गया...

नेहा पचिसिया के खिलाफ एक अलग विभागीय जांच भी चल रही है. यह जांच एक ऐसे आरोप के संबंध में है जिसमें कहा गया है कि उन्होंने एक ट्रांसपोर्टर के डंपर ट्रक रोककर उससे पैसे ऐंठे थे...